Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
दरà¥à¤¦, à¤à¤¨à¤à¤¨à¤¾à¤¹à¤Ÿ और पैरों का सà¥à¤¨à¥à¤¨ होना- डायबिटिक नà¥à¤¯à¥‚रोपैथी à¤à¤• तरह का नरà¥à¤µ डैमेज होता है जो डायबिटीज के मरीजों में होता है. मेयो कà¥à¤²à¤¿à¤¨à¤¿à¤• के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, डायबिटिक नà¥à¤¯à¥‚रोपैथी के चलते टांगों और पैरों की नसें डैमेज हो जाती हैं जिसके चलते टांगों, पैर और हाथ में दरà¥à¤¦ और सà¥à¤¨à¥à¤¨ पड़ने जैसे लकà¥à¤·à¤£ नजर आते हैं. जबकि कà¥à¤› में इसके लकà¥à¤·à¤£ काफी दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• होते हैं.
पैर में अलà¥à¤¸à¤°- आमतौर पर सà¥à¤•िन में दरार पड़ने या गहरा घाव बन जाने को अलà¥à¤¸à¤° कहा जाता है. डायबिटिक फà¥à¤Ÿ अलà¥à¤¸à¤° à¤à¤• खà¥à¤²à¤¾ हà¥à¤† घाव होता है और डायबिटिज के 15 फीसदी मरीजों को इसका सामना करना पड़ता है. यह मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से पैर के तलवे में होता है. हलà¥à¤•े मामलों में, फà¥à¤Ÿ अलà¥à¤¸à¤° के कारण सà¥à¤•िन खराब हो जाती है लेकिन इसके गंà¤à¥€à¤° मामलों में शरीर के उस हिसà¥à¤¸à¥‡ को काटने तक की नौबत आ सकती है. à¤à¤¸à¥‡ में विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ का कहना है कि इससे बचने के लिठशà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ से ही डायबिटीज के खतरे को कम करना काफी जरूरी है.
à¤à¤¥à¤²à¥€à¤Ÿ फà¥à¤Ÿ (पैरों में दाद)- डायबिटीज के कारण नसों के डैमेज होने से à¤à¤¥à¤²à¥€à¤Ÿ फà¥à¤Ÿ समेत कई दिकà¥à¤•तें बढ़ सकती है. à¤à¤¥à¤²à¥€à¤Ÿ फà¥à¤Ÿ à¤à¤• फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ होता है जिसके कारण पैरों में खà¥à¤œà¤²à¥€, रेडनेस, और दरार पड़ने की समसà¥à¤¯à¤¾ का सामना करना पड़ता है. यह à¤à¤• या दोनों पैरों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकता है.
गांठबनना या कॉरà¥à¤¨à¥à¤¸ और कॉलस- डायबिटीज के चलते कॉरà¥à¤¨à¥à¤¸ और कॉलस की समसà¥à¤¯à¤¾ का à¤à¥€ सामना करना पड़ सकता है. कॉरà¥à¤¨à¥à¤¸ या कॉलस तब होता है जब किसी जगह की तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर काफी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दबाव या रगड़ पड़ती है तो वह तà¥à¤µà¤šà¤¾ सखà¥à¤¤ और मोटी होने लगती है.
पैर के नाखूनो में फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨- डायबिटीज के मरीजों में नाखूनों में होने वाले फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ का खतरा à¤à¥€ काफी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है. इसे ऑनिकोमाइकोसिस के नाम से जाना जाता ह जो आमतौर पर अंगूठे के नाखून को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है. इस समसà¥à¤¯à¤¾ के चलते नाखूनों का रंग बदलने लगता है और वह काफी मोटे हो जाते हैं कà¥à¤› मामलों में नाखून अपने आप ही टूटने लगते हैं. कई बार नाखून में चोट लगने के कारण फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ à¤à¥€ हो सकता है.
| --------------------------- | --------------------------- |